गुप्त नवरात्रि आज से शुरू, श्रद्धालु विधि विधान से करें मां भगवती की आराधना, पंडित रमेश कुमार शास्त्री।
तावडू, 14 जुलाई (नरेश मैहंदीरत्ता): आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा आज से गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है, जो 22 जुलाई को नवमी तिथि तक चलेगा। इस दौरान श्रद्धालु मां भगवती के दस महाविद्या स्वरूपों की श्रद्धा एवं भक्ति के साथ आराधना करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि में साधना, जप, तप और देवी उपासना का विशेष महत्व होता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित रमेश कुमार शास्त्री ने बताया कि गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना कर मां भगवती का पूजन करना अत्यंत फलदायी माना गया है। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को प्रात: 8:59 से दोपहर 12:40 बजे तक घटस्थापना का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस अवधि में विधि विधान से कलश स्थापना कर नौ दिनों तक नियमित रूप से मां भगवती की आराधना करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्ष में चार नवरात्रि आती हैं। जिनमें चैत्र और आश्विन की नवरात्रि को उदय नवरात्रि तथा आषाढ़ एवं माघ की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। गुप्त नवरात्रि में मां भगवती के दस महाविद्या स्वरूपकृकाली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की विशेष साधना की जाती है। उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ति, रोग निवारण, शत्रु बाधा से मुक्तिए विवाह तथा सुख समृद्धि की कामना के लिए देवी मंत्रों का जाप और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। उन्होंने कहा कि तांत्रिक एवं विशेष अनुष्ठान सदैव योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही किए जाने चाहिए। सामान्य श्रद्धालु विधिपूर्वक मां दुर्गा की पूजा, दुर्गा सप्तशती का पाठ अथवा किसी योग्य ब्राह्मण से अनुष्ठान कराकर भी देवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर सात्विक जीवन, संयम, सेवा एवं नियमित पूजा अर्चना का पालन करने का आह्वान किया।









