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अमित शाह का सीमांचल मिशन — आखिर क्या है बिहार दौरे के पीछे का असली मास्टर प्लान? जानिए पूरा एजेंडा!

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सीमांचल, बिहार। 26 फरवरी 2026

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन दिनों बिहार के सीमांचल इलाके के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरे का सीधा फोकस है — सीमा सुरक्षा, घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई और सीमावर्ती जिलों में प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा।

बुधवार शाम गृह मंत्री शाह पूर्णिया एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे सीधे किशनगंज रवाना हुए। किशनगंज में उन्होंने लैंड पोर्ट अथॉरिटी की समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया और वहीं रात्रि विश्राम किया।

आज गुरुवार को गृह मंत्री अररिया पहुंचे, जहां नेपाल सीमा से सटे लेट्टी सीमा चौकी पर कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद कलेक्ट्रेट में पुलिस अधीक्षकों और सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों के साथ भारत–नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

दौरे के दौरान गृह मंत्री सशस्त्र सीमा बल यानी SSB के अधिकारियों के साथ भी बैठक कर रहे हैं। सीमा पर निगरानी तंत्र, खुफिया समन्वय, अवैध तस्करी और बिना दस्तावेज सीमा पार आवागमन को रोकने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।

गृह मंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि घुसपैठ केवल चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने ऐलान किया कि सीमांचल क्षेत्र में घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर भेजने का अभियान तेज किया जाएगा।

इस दौरे में ‘वाइब्रेंट विलेजेज’ कार्यक्रम के दूसरे चरण की समीक्षा भी की जा रही है, ताकि सीमावर्ती गांवों में आधारभूत सुविधाएं, रोजगार और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरे का एक अहम पहलू सिलीगुड़ी कॉरिडोर से जुड़ी सुरक्षा तैयारियां भी हैं, जिसे रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज है। बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस दौरे को पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़ते हुए राजनीतिक कवायद बताया है। उनका कहना है कि घुसपैठ को मुद्दा बनाकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।

वहीं AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने कहा है कि गृह मंत्री का सीमांचल आना गलत नहीं है, लेकिन उन्हें सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की गरीबी, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की वास्तविक स्थिति को भी देखना चाहिए।

दूसरी ओर भाजपा नेताओं का कहना है कि यह दौरा पूरी तरह राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने से जुड़ा हुआ है।

गृह मंत्री शाह का कहना है कि खुली सीमा सबसे बड़ी चुनौती है और इसके लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी निगरानी और स्थानीय लोगों से बेहतर संवाद बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा से सटे इलाकों में अवैध अतिक्रमण हटाने और जनसांख्यिकीय असंतुलन पर नजर रखने के लिए उच्चस्तरीय तंत्र बनाया जाएगा।

तीन दिन के इस दौरे के अंतिम दिन गृह मंत्री शाह फिर से पूर्णिया में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे और इसके बाद नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

कुल मिलाकर, सीमांचल दौरे के जरिए केंद्र सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि अब सीमा सुरक्षा, घुसपैठ पर कार्रवाई और सीमावर्ती इलाकों के विकास — तीनों पर एक साथ तेज़ी से काम किया जाएगा।

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Author: New India News Network

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