आजादी के समय पंजाबी समुदाय ने बड़ी यातनाएं झेली: संजीव चौपड़ा, युवाओं से देशहित में आगे आने की अपील

आजादी के समय पंजाबी समुदाय ने बड़ी यातनाएं झेली: संजीव चौपड़ा, युवाओं से देशहित में आगे आने की अपील

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बच्चों ने कड़ी मेहनत कर समाज को खड़ा किया, पंजाबी समुदाय सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखता है

गुरुग्राम, 9 सितंबर। देश के विभाजन और आजादी के समय पंजाबी समुदाय के परिवारों ने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया। पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए परिवारों ने तमाम परेशानियों और संघर्षों के बावजूद अपनी मेहनत, हिम्मत और लगन के बल पर न केवल अपना जीवन दोबारा खड़ा किया, बल्कि देश और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज पंजाबी समाज के लोग देश और प्रदेश में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

यह बात पंजाबी समुदाय के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी तथा बिजली विभाग के सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर संजीव कुमार चौपड़ा ने गुरुग्राम में मीडिया से बातचीत के दौरान कही।

संजीव चौपड़ा ने कहा कि देश के विभाजन के दौरान पंजाबी समुदाय के परिवारों ने जिस दर्द और पीड़ा को झेला, उसे याद करना आज भी भावुक कर देता है। पाकिस्तान से लोगों को अपना घर-बार छोड़कर भारत आना पड़ा। इस दौरान परिवारों ने अत्याचार और विस्थापन का दंश झेला। उन्होंने कहा कि उस समय की परिस्थितियों को याद करने पर आज भी आंखों में आंसू आ जाते हैं।

उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद भारत पहुंचे परिवारों के सामने जीवन को नए सिरे से शुरू करने की बड़ी चुनौती थी। न जमीन थी, न कारोबार और न ही भविष्य की कोई निश्चितता। इसके बावजूद हमारे पूर्वजों ने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत कर अपने बच्चों का भविष्य बनाया।

मेहनत और संघर्ष से समाज ने बनाई पहचान

चौपड़ा ने कहा कि पंजाबी समाज के बच्चों और युवाओं ने कड़ी मेहनत करते हुए अपने आप को स्थापित किया। यही मेहनत आज समाज की सफलता के रूप में दिखाई दे रही है। समाज के लोगों ने व्यापार, उद्योग, शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, सरकारी सेवाओं और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि पंजाबी समुदाय की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह है कि वह सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखता है। समाज 36 बिरादरियों के सहयोग और आशीर्वाद के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज केवल अपने विकास की बात नहीं करता, बल्कि समाज के अन्य वर्गों को भी आगे बढ़ाने में अपना योगदान देता रहा है।

सरकारों ने भी दिया सहयोग

संजीव चौपड़ा ने कहा कि विभाजन के बाद पुनर्वास और नए जीवन की शुरुआत में तत्कालीन सरकारों ने भी लोगों को सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि आज भी सरकारें पंजाबी समुदाय सहित सर्व समाज के विकास और उत्थान के लिए काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से विभाजन के दौरान हुए विस्थापन और लोगों की पीड़ा को याद करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे आने वाली पीढ़ियों को उस दौर के संघर्ष और इतिहास की जानकारी मिलती है।

हरियाणा सरकार भी समाज के उत्थान के लिए गंभीर : चौपड़ा

हरियाणा सरकार का उल्लेख करते हुए संजीव चौपड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार का नेतृत्व पंजाबी समुदाय के उत्थान को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि जब भी समाज से जुड़े विषयों को लेकर बातचीत होती है तो समुदाय की समस्याओं, जरूरतों और विकास को लेकर चर्चा होती है।

उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के बीच बेहतर समन्वय से ही प्रदेश का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पंजाबी समुदाय के साथ-साथ सभी वर्गों के विकास के लिए इसी तरह प्रयास जारी रहेंगे।

मनोहर लाल के योगदान का किया उल्लेख

बिजली विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर संजीव चौपड़ा ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब मनोहर लाल हरियाणा के मुख्यमंत्री थे, तब भी वे पंजाबी समाज सहित सर्व समाज के विकास को लेकर लगातार सोचते रहे और आज केंद्र में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी देश के विकास में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

चौपड़ा ने कहा कि समाज के लोगों का दायित्व भी है कि वे सरकार के प्रयासों में सहयोग करें और देश एवं प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।

गुरुग्राम के विकास में पंजाबी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका

गुरुग्राम को लेकर संजीव चौपड़ा ने कहा कि शहर लगातार विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। गुरुग्राम आज देश के प्रमुख शहरों में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में पंजाबी समुदाय के बड़ी संख्या में परिवार रहते हैं और इन परिवारों ने शहर के विकास में लंबे समय से योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज के लोग हर दिन मेहनत कर अपने परिवारों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ समाज के दूसरे वर्गों के लोगों को भी आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।

30 वर्षों से गुरुग्राम की सेवा से जुड़े हैं संजीव चौपड़ा

संजीव कुमार चौपड़ा गुरुग्राम में करीब तीन दशक से सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे हैं। बिजली विभाग में चीफ इंजीनियर के पद पर सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त होने के बावजूद वे सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समाज सेवा केवल किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं होनी चाहिए। समाज के हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलना और जरूरतमंद लोगों की मदद करना ही वास्तविक सामाजिक सेवा है।

युवाओं से देशहित में आगे आने की अपील

संजीव चौपड़ा ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि आने वाला समय उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके पास भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की क्षमता है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को जाति-पाति और धर्म की राजनीति से ऊपर उठकर देश के बारे में सोचना चाहिए। देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि आज युवाओं के सामने अवसर भी हैं और जिम्मेदारियां भी। उन्हें शिक्षा, रोजगार, तकनीक, उद्यमिता और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश के विकास में योगदान देना चाहिए।

समाज की कुरीतियों को खत्म करने की जरूरत

चौपड़ा ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए केवल आर्थिक विकास पर्याप्त नहीं है। सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव को भी समाप्त करना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जाति-पाति और धर्म के नाम पर होने वाले विभाजन से दूर रहें और समाज को जोड़ने का काम करें।

उन्होंने कहा कि हमें ऐसी सोच विकसित करनी होगी जिसमें हर व्यक्ति को समान सम्मान मिले और समाज के सभी वर्ग मिलकर देश की प्रगति में योगदान दें।

सनातन संस्कृति देती है वसुधैव कुटुंबकम् का संदेश

संजीव चौपड़ा ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यह संस्कृति हमें ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति हमें एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने और समाज के लिए समर्पित होकर काम करने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज ने हमेशा मेहनत, संघर्ष और सेवा की भावना को महत्व दिया है। विभाजन की त्रासदी से लेकर आज तक समाज के लोगों ने हर चुनौती का सामना करते हुए देश की प्रगति में योगदान दिया है।

चौपड़ा ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि नई पीढ़ी अपने पूर्वजों के संघर्ष को याद रखे और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आपसी भाईचारे को मजबूत करें, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं और भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपना योगदान दें।

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Author: New India News Network

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