चंडीगढ़ 30 सितम्बर / सर्दियों में बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए गुरुग्राम जिला प्रसासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। एक अक्टूबर से वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। इसके साथ ही निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके पुराने वाहनों को भी ईंधन देने पर रोक रहेगी। प्रशासन ने पेट्रोल पंपों पर नियमों की निगरानी के लिए तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है। हरियाणा सरकार की इस व्यवस्था के तहत डीजल के 10 वर्ष और पेट्रोल के 15 वर्ष की निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। पेट्रोल पंपों पर वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने के लिए ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनकी मदद से वाहन की पहचान और प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता की जांच की जाएगी।
हरियाणा के एनसीआर जिलों के 2,780 पेट्रोल पंपों पर यह व्यवस्था लागू करने की योजना है। प्रदूषण नियंत्रण की तैयारियों के तहत गुरुग्राम में निर्माण स्थलों और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की निगरानी भी बढ़ाई जा रही है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले 1,054 प्रदूषणकारी स्थलों को इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के दायरे में रखा है। इनमें 907 स्थानों पर वेब कैमरे लगाए जा चुके हैं, जबकि 534 स्थानों पर वायु गुणवत्ता मापने वाले सेंसर स्थापित किए गए हैं।नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण स्थलों और इकाइयों के खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ काम बंद कराने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।नगर निगम ने धूल प्रदूषण कम करने के लिए 404 किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क पर मैकेनिकल स्वीपिंग की व्यवस्था की है। इसके लिए 24 मशीनें तैनात हैं, जो रात के समय सड़कों की सफाई करती हैं। इसके अतिरिक्त पानी के छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।

प्रशासन ने सड़कों के सुधार और वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की संख्या बढ़ाने की योजना भी बनाई है। दिसंबर तक गुरुग्राम में निरंतर वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की संख्या तीन से बढ़ाकर आठ करने का लक्ष्य रखा गया है।प्रशासन का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य सर्दियों में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना और आम नागरिकों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे एक अक्टूबर से पहले अपने वाहनों का PUC प्रमाणपत्र बनवा लें, ताकि पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की परेशानी न हो।









