03 मार्च 2026
राजस्थान की राजधानी जयपुर के परकोटा इलाके में उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन की खबर सामने आई।
इस खबर के बाद शिया समाज में शोक के साथ-साथ गहरा आक्रोश देखने को मिला।
पिंक सिटी के पुराने शहर में स्थित जामा मस्जिद, जयपुर से सैकड़ों पुरुष और महिलाएं काले कपड़े पहनकर जुलूस के रूप में निकले। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर यह जुलूस आगे बढ़ते हुए सुभाष चौक सर्किल तक पहुंचा।पूरे रास्ते “अमेरिका मुर्दाबाद” और “इजरायल मुर्दाबाद” के नारों से इलाका गूंजता रहा।
प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पोस्टरों पर चप्पलें बरसाकर और उन्हें रौंदकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया।
कई स्थानों पर पोस्टरों को जलाने की कोशिश भी की गई। इस प्रदर्शन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखी गई। महिलाओं ने इसे केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि पूरी मुस्लिम उम्मत से जुड़ा मामला बताते हुए नाराजगी जाहिर की।
जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना सैयद नाज़िश अकबर काज़मी ने कहा कि खामेनेई के निधन से मुस्लिम समाज में शोक की लहर है। उन्होंने घोषणा की कि जयपुर में शिया समाज इस बार ईद सार्वजनिक रूप से नहीं मनाएगा और रमजान के शेष दिन सादगी से बिताए जाएंगे।
शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद अली इमाम नकवी ने आरोप लगाया कि ईरान में बेगुनाह लोगों और बच्चों को निशाना बनाया जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को निष्पक्ष रुख अपनाना चाहिए।
स्थिति को देखते हुए जयपुर के परकोटे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
इधर, देश के अन्य हिस्सों में भी इस खबर का असर दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
प्रदेश के एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि शिया बहुल इलाकों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।
रविवार को लखनऊ में छोटे इमामबाड़े के पास बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग एकत्र हुए और भावुक माहौल में नारेबाजी करते नजर आए। महिलाएं भी रोते-बिलखते सड़कों पर दिखाई दीं।
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद ने ईरान पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की।
वहीं शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नक़वी ने कहा कि खामेनेई दुनिया भर के मुसलमानों के मार्गदर्शक नेता थे।
उधर, जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में भी कई इलाकों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। जब भीड़ शहर के केंद्र लाल चौक की ओर बढ़ने लगी तो हालात बिगड़ गए।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबलों को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और कुछ जगहों पर आंसू गैस के गोले दागे गए।झड़पों में पांच पुलिसकर्मियों समेत कुल 12 लोग घायल हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन दंगा, पथराव और सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं,मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से रोकी गई हैं और स्कूल-कॉलेज बंद किए गए हैं।
कुल मिलाकर, अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद जयपुर, लखनऊ और श्रीनगर समेत देश के कई हिस्सों में शिया समुदाय का गहरा शोक और आक्रोश सड़कों पर दिखाई दे रहा है, जबकि प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर बनाए हुए है।







