देहरादून, 5 नवंबर (न्यू इंडिया न्यूज नेटवर्क)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों के हित में दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तहसील, जिला और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही पत्रकारों को मिलने वाली पेंशन की राशि में भी वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब की ओर से आयोजित दीपावली महोत्सव में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरांचल प्रेस क्लब के पदाधिकारियों, सदस्यों और प्रदेश के सभी पत्रकारों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि प्रकाश पर्व दीपावली सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।
पत्रकारों की भूमिका लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होने के साथ-साथ समाज और सरकार के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। पत्रकार आम जनता तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी पहुंचाते हैं। इसके साथ ही जनता की समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को भी सरकार तक पहुंचाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में पत्रकारों की सक्रिय और रचनात्मक भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पत्रकारिता समाज का दर्पण है, जिसके माध्यम से सरकार और प्रशासन को यह समझने में मदद मिलती है कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का धरातल पर कितना प्रभाव पड़ रहा है।
पत्रकारों के कल्याण के लिए बढ़ाया गया कोष

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों के हितों और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आकस्मिक सहायता और आवासीय सुविधाओं के लिए सरकार की ओर से विभिन्न स्तरों पर कदम उठाए गए हैं।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पत्रकार कल्याण कोष की धनराशि 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी है। इसके अलावा पत्रकार पेंशन में पहले भी वृद्धि की गई है और अब इसमें दोबारा बढ़ोतरी करने की घोषणा की गई है। सरकार का प्रयास है कि पत्रकारों को अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए जरूरी सुविधाएं और सहयोग मिल सके।
फेक न्यूज के दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारी बढ़ी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और नई तकनीकों के कारण पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आया है। इससे सूचना के प्रसार की संभावनाएं बढ़ी हैं, लेकिन फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं का प्रसार भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। ऐसे में पत्रकारों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। उन्हें तथ्यों की पुष्टि करने के बाद सही, सटीक और निष्पक्ष जानकारी जनता तक पहुंचानी चाहिए। विश्वसनीय पत्रकारिता समाज को भ्रमित होने से बचाने के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों को भी मजबूत करती है।

देवर्षि नारद की संवाद परंपरा का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने देवर्षि नारद की संवाद परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकार अपने दायित्वों का निर्वहन समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कर रहे हैं। पत्रकारों से मिलने वाले सुझाव और फीडबैक शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को जनसंचार के क्षेत्र में भी मजबूत पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मीडिया सेंटरों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने और प्रेस क्लबों को सशक्त बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
पत्रकारों के सुझावों से विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में पत्रकारों के सुझाव और रचनात्मक सहयोग महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े विषयों पर पत्रकारों का सहयोग आगे भी मिलता रहेगा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय सिंह राणा, महामंत्री योगेश सेमवाल, कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।







