दिल्ली, 11 मार्च 2026
पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल के रूप में शपथ ली। यह समारोह दिल्ली के लोक निवास में आयोजित किया गया, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
संधू ने इस पद पर विनय कुमार सक्सेना का स्थान लिया है, जिन्हें हाल ही में लद्दाख का उपराज्यपाल बनाया गया है।
संधू का लंबा और प्रभावशाली राजनयिक करियर
तरनजीत सिंह संधू 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं और अमेरिका मामलों में एक अनुभवी राजनयिक माने जाते हैं। उन्होंने फरवरी 2020 से जनवरी 2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया। इसके अलावा, जुलाई 2005 से फरवरी 2009 तक वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में भी रहे।
उनका अमेरिका में भारतीय दूतावास का अनुभव विशेष रूप से उल्लेखनीय है, और यह उनके अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गहरी समझ को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री का स्वागत
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तरनजीत सिंह संधू का स्वागत करते हुए कहा:
“आप दिल्ली को और अधिक गति देने के लिए यहां आए हैं। हमें पूरा विश्वास है कि आपके मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार के कामकाज में नई दिशा और तेजी आएगी।”
राजनीतिक अनुभव
संधू ने 2024 में राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने पंजाब के अमृतसर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अब उन्हें दिल्ली की प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो उनकी सार्वजनिक सेवा की नई पारी मानी जा रही है।







