Edition

सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए जिले में जारी है एचपीवी टीकाकरण अभियान

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 

  • अभियान का उद्देश्य महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करना है।
  • एचपीवी के 16 और 18 प्रकार सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारण माने जाते हैं।
  • सरकार द्वारा 6, 11, 16 और 18 प्रकारों से सुरक्षा देने वाली वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है।
  • 14 वर्ष की किशोरियां इस अभियान का मुख्य लक्ष्य हैं।
  • पात्र किशोरियों को यह टीका पूरी तरह निःशुल्क और स्वैच्छिक रूप से दिया जा रहा है।
  • प्रारंभिक चरण में टीकाकरण जिला नागरिक अस्पताल और उपमंडल अस्पतालों में किया जा रहा है।

गुरुग्राम, 16 मार्च।
सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से जिले में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। डीसी अजय कुमार ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किए गए कार्यक्रम के तहत चलाया जा रहा है और जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।

डीसी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करना है, जो भारत में महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है। ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) इसके प्रमुख कारणों में से एक है, विशेषकर इसके 16 और 18 प्रकार सबसे अधिक खतरनाक माने जाते हैं। सरकार द्वारा 6, 11, 16 और 18 प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करने वाली वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। यह टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक है और पात्र किशोरियों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। अभियान के तहत मुख्य रूप से 14 वर्ष की किशोरियों को लक्ष्य बनाया गया है।

जिला में उपरोक्त अभियान के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ डॉ जयप्रकाश राजलीवाल ने बताया कि प्रारंभिक चरण में टीकाकरण जिला नागरिक अस्पताल, उपमंडल अस्पतालों पर किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त स्कूलों के माध्यम से भी पात्र छात्राओं को स्वास्थ्य केंद्रों तक लाकर टीकाकरण सुनिश्चित किया जा रहा है और आवश्यकता अनुसार विशेष कैंप भी लगाए जा रहे हैं। अभियान की मॉनिटरिंग और लाभार्थियों की ट्रैकिंग यू-विन पोर्टल के माध्यम से की जा रही है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए आशा वर्करों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

डॉ. जयप्रकाश ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को टीकाकरण के लिए निर्धारित तिथि और स्थान पर अवश्य भेजें तथा टीकाकरण से पहले उन्हें उचित भोजन करवाकर ही लाएं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। यह टीकाकरण कार्यक्रम पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है तथा इसके माध्यम से भविष्य में होने वाले गंभीर संक्रमणों से बचाव संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि इस सरकारी कार्यक्रम के तहत पात्र किशोरियों को यह टीका निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

New India News Network
Author: New India News Network

new india news network

Leave a Comment

और पढ़ें