गुरुग्राम, 9 सितंबर। शहर की सड़कों, फुटपाथों, ग्रीन बेल्ट, ड्रेन और अन्य सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) की मुहिम को नागरिकों का भी लगातार सहयोग मिल रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतों को दर्ज कराने के लिए शुरू किए गए एंटी-एन्क्रोचमेंट पोर्टल पर अब तक करीब 44 शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें से 20 मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जबकि शेष शिकायतों की संबंधित एनफोर्समेंट टीमों द्वारा जांच की जा रही है।
GMDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने एनफोर्समेंट टीमों को निर्देश दिए हैं कि पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की प्राथमिकता के आधार पर जांच करते हुए उनका जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जिन शिकायतों में अतिक्रमण की पुष्टि होती है, वहां नियमानुसार मौके पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
अतिक्रमण हटाने के बाद भी निगरानी के निर्देश
CEO पीसी मीणा ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि जिन स्थानों से अतिक्रमण हटाया जा चुका है, वहां नियमित निगरानी रखी जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कार्रवाई के बाद संबंधित स्थान पर दोबारा अतिक्रमण न हो।
उन्होंने कहा कि केवल अतिक्रमण हटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्थानों को भविष्य में दोबारा अतिक्रमण से मुक्त रखना भी उतना ही जरूरी है। इसके लिए एनफोर्समेंट टीमों को नियमित निरीक्षण और निगरानी पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
नागरिकों की बढ़ रही भागीदारी
GMDA अधिकारियों के अनुसार, एंटी-एन्क्रोचमेंट पोर्टल पर लगातार शिकायतें पहुंचना इस बात का संकेत है कि गुरुग्राम के नागरिक अपने आसपास के सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही जमीनी जानकारी से एनफोर्समेंट टीमों को उन स्थानों की पहचान करने में मदद मिल रही है, जहां अतिक्रमण की समस्या है और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। इससे विभागीय टीमों को शिकायत वाले स्थान तक पहुंचने और मामले की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में भी सुविधा मिल रही है।
फोटो से तुरंत हो रही स्थान की पहचान
एंटी-एन्क्रोचमेंट पोर्टल की एक महत्वपूर्ण सुविधा यह है कि शिकायत दर्ज करते समय नागरिक लाइव जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो भी अपलोड कर सकते हैं। इससे अधिकारियों को शिकायत वाले स्थान की सटीक पहचान करने में मदद मिलती है।
फोटो के माध्यम से मौके की प्रारंभिक स्थिति का भी आकलन किया जा सकता है। इसके बाद संबंधित एनफोर्समेंट टीम शिकायत वाले स्थान पर पहुंचकर मामले की जांच करती है और शिकायत कार्रवाई योग्य पाए जाने पर आवश्यक कदम उठाती है।
किन स्थानों की शिकायत कर सकते हैं नागरिक?
पोर्टल के माध्यम से नागरिक शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से:
- सड़क पर अतिक्रमण
- फुटपाथ पर कब्जा
- ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण
- ड्रेन पर अतिक्रमण
- अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जा
शामिल हैं।
इस व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों और GMDA की एनफोर्समेंट टीमों के बीच समन्वय को और प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों से मिलने वाली जानकारी शहर में चलाए जा रहे नियमित अतिक्रमण विरोधी अभियानों को और मजबूत करने में मदद कर रही है।
शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर
CEO पीसी मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को लंबित न रखा जाए और प्रत्येक मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाए। जहां अतिक्रमण पाया जाता है, वहां नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों को शिकायतों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और की गई कार्रवाई को रिकॉर्ड में दर्ज करने के लिए भी कहा गया है, ताकि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संचालित हो सके।
नागरिक जिम्मेदारीपूर्वक दर्ज कराएं शिकायतें
GMDA प्रवक्ता ने शहरवासियों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण दिखाई देने पर उसकी सूचना एंटी-एन्क्रोचमेंट पोर्टल के माध्यम से जिम्मेदारीपूर्वक साझा करें।
प्रवक्ता ने कहा कि सार्वजनिक भूमि का उपयोग आम लोगों की सुविधा के लिए निर्धारित होता है। इसलिए इसे अतिक्रमण से मुक्त रखना केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि नागरिकों और GMDA के बीच लगातार सहयोग से शहर के सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित, सुगम और अतिक्रमण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।
इन-हाउस विकसित किया गया है पोर्टल
GMDA द्वारा यह एंटी-एन्क्रोचमेंट पोर्टल इन-हाउस विकसित किया गया है। इसे मोबाइल फोन, लैपटॉप और डेस्कटॉप के माध्यम से इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे नागरिक अपने आसपास अतिक्रमण से संबंधित शिकायत आसानी से दर्ज करा सकते हैं।
अधिकारियों के लिए पोर्टल पर एडमिन मॉड्यूल भी तैयार किया गया है। इसके माध्यम से प्राप्त शिकायतों की निगरानी, शिकायत पर की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड और मामलों की वर्तमान स्थिति को ट्रैक किया जा सकता है।
GMDA का मानना है कि तकनीक के माध्यम से शिकायतों की निगरानी और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने से अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में कदम
GMDA की ओर से शहर में सड़कों, फुटपाथों, ग्रीन बेल्ट और अन्य सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। अब एंटी-एन्क्रोचमेंट पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को भी सीधे इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
करीब 44 शिकायतों का प्राप्त होना और उनमें से 20 मामलों का निपटारा किया जाना इस व्यवस्था के शुरुआती परिणाम के रूप में देखा जा रहा है। GMDA अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में नागरिकों की भागीदारी बढ़ने से अतिक्रमण की पहचान और उसके खिलाफ कार्रवाई को और गति मिलने की उम्मीद है।








