सुशांत लोक-1 और साउथ सिटी-1 में दूसरे दिन भी कार्रवाई, 2 दिनों में 27 भवनों पर शिकंजा
गुरुग्राम, 16 सितंबर। सुशांत लोक-1 और साउथ सिटी-1 में अवैध निर्माण और रिहायशी भवनों में नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को दोनों कॉलोनियों में कुल 13 भवनों के खिलाफ सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। इससे पहले मंगलवार को करीब 14 भवनों पर कार्रवाई की गई थी। इस तरह दो दिनों में करीब 27 भवनों के खिलाफ विभाग कार्रवाई कर चुका है।
यह कार्रवाई टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के जिला नगर योजनाकार इंफोर्समेंट (डीटीपीई) अमित मधोलिया के नेतृत्व में की गई। सुशांत लोक-1 के ए ब्लॉक में दूसरे दिन की कार्रवाई डीटीपीई अमित मधोलिया ने स्वयं संभाली, जबकि साउथ सिटी-1 में सहायक नगर योजनाकार दिव्या दहिया के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।
सुशांत लोक-1 के ए ब्लॉक में 7 भवनों पर कार्रवाई
सुशांत लोक-1 के ए ब्लॉक में मकान नंबर 563बी, 569, 519, 511, 379ए, 283ए और 282ए में अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत उपयोग के खिलाफ कार्रवाई की गई।
मकान नंबर 563बी में स्टिल्ट पार्किंग में बनाए गए आठ कमरे, पांच शौचालय और एक बैठक कक्ष को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
मकान नंबर 569 की बेसमेंट में संचालित समारोह भवन को सील किया गया। स्टिल्ट पार्किंग में बनाए गए कार्यालय और बैठक कक्ष को ध्वस्त किया गया। पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल पर प्रत्येक मंजिल में तीन दो-कमरों वाली आवासीय इकाइयां थीं। कुल नौ आवासीय इकाइयों को सील किया गया। भवन के पीछे खुले हिस्से में बनाए गए दो शौचालयों को भी ध्वस्त किया गया।
मकान नंबर 519 को स्वीकृत अतिथि गृह के रूप में अनुमति प्राप्त थी, लेकिन स्टिल्ट पार्किंग में स्वागत कक्ष, रसोई, भोजन कक्ष, कार्यालय और गोदाम बनाए गए थे। इन सभी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया।
मकान नंबर 511 की दूसरी मंजिल पर अनधिकृत छत बनाई गई थी और यहां स्वच्छता सामग्री तथा भवन निर्माण सामग्री की दुकान संचालित हो रही थी। भवन के पीछे स्थित प्लॉट नंबर 529 की बेसमेंट को भी इस भवन से जोड़कर उपयोग किया जा रहा था। प्लॉट नंबर 529 की बेसमेंट में टाइल और पत्थर का काम किया जा रहा था, जिसे सील कर दिया गया। मकान नंबर 511 में संचालित दुकान को भी पूरी तरह सील किया गया।
मकान नंबर 379ए में ‘हाउसर’ के नाम से स्टिल्ट पार्किंग में बनाए गए भोजन कक्ष, रसोई, स्वागत कक्ष और बैठक स्थल को ध्वस्त किया गया। स्टिल्ट में बने चार कमरों को भी तोड़ा गया। पहली से चौथी मंजिल तक प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे थे। कुल 52 कमरों को सील किया गया।
मकान नंबर 283ए और 282ए में दोनों भवनों को जोड़कर अतिथि गृह के रूप में उपयोग किया जा रहा था। यहां कुल 36 कमरों को सील किया गया।
साउथ सिटी-1 में भी व्यावसायिक उपयोग पर कार्रवाई
साउथ सिटी-1 में भी रिहायशी भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई।
मकान नंबर बी-2 में 20 कमरों वाला होटल संचालित किया जा रहा था। भवन को सील कर दिया गया।
मकान नंबर बी-79 में स्टिल्ट सहित चार मंजिलों और छत पर अतिथि गृह तथा पीजी के रूप में कुल 32 कमरों का उपयोग किया जा रहा था। सभी कमरों को सील किया गया।
मकान नंबर बी-80 में स्टिल्ट सहित चार मंजिलों पर अतिथि गृह और पीजी के रूप में कुल 39 कमरों का उपयोग किया जा रहा था। सभी कमरों को सील किया गया।
मकान नंबर बी-11 में 27 कमरों वाला अतिथि गृह संचालित किया जा रहा था। सभी कमरों को सील किया गया। स्टिल्ट मंजिल पर बनाए गए अनधिकृत कार्यालय को ध्वस्त कर दिया गया।
मकान नंबर बी-23 में तीन अनधिकृत घरेलू सहायक कक्ष और शौचालय तथा दो अवकाश कक्ष बनाए गए थे। इन अनधिकृत निर्माणों को सील किया गया। इसके अलावा अनधिकृत सुरक्षा कक्ष को ध्वस्त कर दिया गया।
मकान नंबर बी-21 में अनधिकृत रूप से बढ़ाए गए प्रवेश कक्ष को ध्वस्त किया गया। अनधिकृत घरेलू सहायक कक्षों को सील किया गया।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
विभाग की ओर से मंगलवार को सुशांत लोक-1 और साउथ सिटी-1 में करीब 14 भवनों पर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद बुधवार को दूसरे दिन भी अभियान जारी रखते हुए 13 भवनों पर सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। इस तरह दो दिनों में करीब 27 भवनों पर विभाग की कार्रवाई हो चुकी है।
विभाग का कहना है कि सर्वे में सामने आए अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत किए जा रहे व्यावसायिक उपयोग के आधार पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों के रिहायशी भवनों में स्वीकृत भवन योजना और निर्धारित उपयोग के नियमों का उल्लंघन करने वाले भवनों के खिलाफ नियमानुसार सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अवैध निर्माण कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।








