Edition

लव जाल और जबरन धर्मांतरण पर सख्ती, नया कानून बना चर्चा का केंद्र…

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

महाराष्ट्र,17 मार्च।

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया है। राज्य विधानसभा ने लंबी बहस के बाद ‘धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026’ को पास कर दिया है। इस बिल को लेकर जहां सरकार इसे जरूरी बता रही है, वहीं विपक्ष के भीतर भी मतभेद खुलकर सामने आए हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि यह कानून किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जबरन, धोखे या लालच से होने वाले धर्मांतरण को रोकना है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में पहले से ऐसे कानून लागू हैं।

अब अगर इस बिल के मुख्य प्रावधानों की बात करें, तो नए कानून के तहत शादी का झांसा देकर धर्म परिवर्तन करवाने पर 7 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
वहीं महिला, नाबालिग या एससी/एसटी से जुड़े मामलों में सजा और सख्त होगी—7 साल की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना

सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में भी कड़ी सजा का प्रावधान है, और बार-बार अपराध करने पर सजा 10 साल तक बढ़ सकती है

इस कानून का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से धर्म बदलना चाहता है, तो उसे 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को सूचना देनी होगी और धर्म परिवर्तन के बाद 21 दिन के भीतर पुष्टि करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर धर्मांतरण को अवैध माना जाएगा

साथ ही, अवैध धर्मांतरण के आधार पर हुई शादी को अदालत द्वारा अमान्य घोषित किया जा सकता है, और ऐसे मामलों में जन्म लेने वाले बच्चे को मां के मूल धर्म से जोड़ा जाएगा

राजनीतिक स्तर पर यह बिल काफी चर्चा में है। शिवसेना (यूबीटी) ने इसका समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस, एनसीपी (एसपी) और समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध किया है। विपक्ष का कहना है कि यह कानून व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निजता के अधिकार का उल्लंघन कर सकता है।

वहीं सरकार का तर्क है कि यह कानून महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए जरूरी है और इससे धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी।

अब यह बिल विधान परिषद में जाएगा, जहां पास होने के बाद यह कानून का रूप ले सकता है। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि इस पर आगे कानूनी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।

कुल मिलाकर, ‘धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026’ अब एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, जिसका असर आने वाले समय में सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति पर पड़ सकता है।

New India News Network
Author: New India News Network

new india news network

Leave a Comment

और पढ़ें