गुरुग्राम की 6 सड़कें बनेगी स्मार्ट मॉडल रोड़

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गुरुग्राम, 15 सितंबर। गुरुग्राम की सड़कों पर निकट भविष्य में ट्रैफिक व्यवस्था सिर्फ पुलिसकर्मियों और सिग्नलों के भरोसे नहीं रहेगी। ऐसा इसलिए कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) शहर की 6 प्रमुख सड़कों को स्मार्ट मॉडल रोड के रूप में विकसित करने जा रहा है।इस संबंध में जानकारी देते हुए जीएमडीए के प्रवक्ता ने बताया कि गुरुग्राम में प्रथम चरण में एमजी रोड (इफ़को चौक से गोल्फ कोर्स रोड), हैमिल्टन कोर्ट रोड, व्यापार केंद्र रोड, अतुल कटारिया चौक से सिग्नेचर टावर, राजीव चौक से बख्तावर चौक (मेदांता रोड), हीरो होंडा चौक से सेक्टर-29 समेत छे प्रमुख मार्ग स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शामिल किए गए हैं। इन सड़कों पर लगाए जाने वाले सभी सिस्टम को जीएमडीए के ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और सीसीटीवी निगरानी से जोड़ा जाएगा।उन्होंने बताया कि योजना के अनुसार इन सड़कों पर डिजिटल मैसेज बोर्ड, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और इमरजेंसी कॉल पॉइंट लगाए जाएंगे। पूरा सिस्टम जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से 24 घंटे मॉनिटर होगा। इन प्रमुख मार्गों पर स्मार्ट सिस्टम लगने के बाद सड़क पर जाम, डायवर्जन, खराब मौसम या किसी आपात स्थिति की जानकारी वाहन चालकों तक रियल टाइम में पहुंचाई जा सकेगी। इन सड़कों पर लगाए जाने वाले वेरिएबल मेसेज साइनबोर्डस (वीएमएस) पर जरूरत के मुताबिक संदेश तत्काल बदला जा सकेगा। किसी मार्ग पर जाम होने पर संबंधित स्थानों पर वैकल्पिक रास्ते की जानकारी भी प्रदर्शित की जा सकेगी।

मुसीबत में मोबाइल निकालने की जरूरत नहीं होगी

उन्होंने बताया कि मॉडल रोड पर सार्वजनिक स्थानों पर इमरजेंसी कॉल प्वाइंट (ईसीपी) लगाने की तैयारी की जा रही है । दुर्घटना, सुरक्षा संबंधी खतरे या किसी अन्य आपात स्थिति में नागरिक सिर्फ बटन दबाकर पुलिस कंट्रोल रूम अथवा आईसीसीसी से सीधे बात कर सकेंगे। ईसीपी पर रात में पहचान के लिए फ्लैशिंग रेड लाइट और रिफ्लेक्टिव संकेत होंगे।

चौराहे से बाजार तक होगी सीधी घोषणा

प्रवक्ता के अनुसार शहर के महत्वपूर्ण चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम (पी ए एस ) भी लगाने की योजना है। आईसीसीसी से किसी एक स्थान या जरूरत पड़ने पर सभी स्थानों पर एक साथ घोषणा की जा सकेगी। ट्रैफिक, सुरक्षा और आपदा संबंधी संदेश तत्काल प्रसारित किए जा सकेंगे। टेण्डर आवंटन के बाद लगभग चार महीनों में यह प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ।

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Author: New India News Network

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