मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण का शुभारंभ, 17 लाख और महिलाओं को मिलेगा लाभ

19 सितंबर को गुरुग्राम दौरे पर रहेंगे CM नायब सिंह सैनी, माता लल्लेश्वरी जयंती समारोह में होंगे शामिल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

हरियाणा 17 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने महिलाओं की आर्थिक उत्थान को और आगे बढ़ते हुए वीरवार को दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। अब प्रदेश में 1 लाख 80 हजार रुपए की सालाना आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी इस योजना के तहत 2100 रुपये प्रति माह का लाभ मिलेगा। पहले चरण में 1 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों की 10 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिल रहा है। अब आय सीमा बढ़ने के बाद लगभग 17 लाख और महिलाओं को लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री ने वीरवार को महेंद्रगढ़ में भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने वीर गाथा और सैनिकों का सम्मान करते हुए वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को देश की सेवा और त्याग के लिए नमन किया।

 

मुख्यमंत्री ने 3,396 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक एवं राजकीय उच्च विद्यालयों को 1-1 लाख रुपये प्रति विद्यालय की दर से 33 करोड़ 96 लाख रुपये की खेल अनुदान राशि भी जारी की। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को समर्पित सेवा संकल्प अभियान के तहत एक नई और दूरदर्शी पहल “SEVA First Innovation Challenge” का भी शुभारंभ किया।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह पोर्टल प्रदेश के विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स, उद्यमियों, पेशेवरों, शोधकर्ताओं, जमीनी स्तर के नवप्रवर्तकों तथा आम नागरिकों को अपने अभिनव विचार, तकनीक, उत्पाद एवं समाधान प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा। प्रदेश के हर नागरिक तक यह अवसर पहुंचे, इसी उद्देश्य से प्रतिभागियों के प्रोत्साहन के लिए पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है। हर जिले से चयनित सर्वश्रेष्ठ नवाचार को 1 लाख रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य स्तर पर चयनित शीर्ष 3 नवाचारों को 5 लाख रुपए की पुरस्कार राशि तथा विशेष राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया जाएगा।

छात्राओं को 1 लाख की छात्रवृत्ति, 50 लाख नए रोजगार; नायब सैनी के पिटारे से  क्या-क्या मिला? - India TV Hindi

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संस्थाओं में काम करने वाले 64,783 श्रमिकों के बैंक खातों में विभिन्न योजनाओं के 48 करोड़ 91 लाख रुपये की राशि जारी की। उन्होंने भगवान श्री विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर कारीगरों, शिल्पकारों और श्रमिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में भगवान श्री विश्वकर्मा सृजन, शिल्प, कौशल और निर्माण के देवता हैं। उनकी आराधना हमें अपने कार्य में कुशलता, ईमानदारी, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा जयंती निर्माण, सृजन और कौशल के प्रति हमारी आस्था का पर्व है। भारतीय दर्शन में सृष्टि के निर्माण में पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश जैसे पंचतत्वों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी गई है और भगवान विश्वकर्मा को इन तत्वों को सुव्यवस्थित स्वरूप देने वाले दिव्य शिल्पी के रूप में स्मरण किया जाता है।

‘मेरा हुनर, मेरी पहचान’ की भावना से सशक्त होगा कारीगर

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा समाज कुशल, मेहनती और ईमानदार लोगों का समाज है। इस समाज ने अपने हुनर और परिश्रम के बल पर हमेशा स्वाभिमान के साथ जीवन जिया है। हरियाणा के निर्माण और विकास में भी विश्वकर्मा समाज के कारीगरों, शिल्पकारों और श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।उन्होंने कहा कि हरियाणा के गठन के लगभग छह दशकों में प्रदेश ने विकास की लंबी यात्रा तय की है। आज हरियाणा ऑटोमोबाइल, आईटी और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। प्रदेश में आधुनिक राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, रेलमार्गों और मेट्रो जैसी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। इस विकास यात्रा में मेहनतकश कारीगरों और श्रमिकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पीएमविश्वकर्मा योजना से कारीगरों को कौशल, टूलकिट और ऋण की सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के कौशल को नई पहचान और बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है। योजना में कौशल प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये का स्टाइपेंड, आधुनिक टूलकिट के लिए सहायता तथा बिना जमानत ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाजार तक पहुंच बनाने में भी सहायता दी जाती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में इस योजना के तहत 41,366 आवेदक पंजीकृत हुए हैं, जिनमें से 30,655 कारीगरों का कौशल प्रशिक्षण पूरा हो चुका है और लगभग 12 हजार कारीगरों को टूलकिट प्रदान की जा चुकी हैं। लगभग 6 हजार कारीगरों को 56 करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिला पलवल के दुधौला में स्थापित श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय कौशल आधारित शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में देश के लिए एक विशिष्ट मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अथक कर्मयोगी, मां भारती के महान सपूत और देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। उन्होंने प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री के जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिर्माण की प्रेरक मिसाल है। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देश की प्रगति, गरीबों के कल्याण और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित किया है। इसी सेवाभाव से प्रेरित होकर हरियाणा में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई है, जो 17 अक्तूबर तक चलेगा। अभियान के माध्यम से सेवा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और विकास से जुड़ी गतिविधियों में जनभागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कैंची चौक पर महाराजा शूर सैनी जी की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया है। यह प्रतिमा हमारी भावी पीढ़ियों को साहस, स्वाभिमान, पराक्रम और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देती रहेगी।

New India News Network
Author: New India News Network

new india news network

Leave a Comment

और पढ़ें