विशाखापत्तनम 17 सितंबर। भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ (BSPS) की तीसरी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित की गई। दो दिवसीय इस कार्यक्रम में देशभर से करीब 400 से अधिक पत्रकारों और संघ के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में पत्रकार सुरक्षा, पत्रकारों के लिए आवासीय व्यवस्था, नेशनल जर्नलिस्ट रजिस्टर और पत्रकार कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के पहले दिन हिंद महासागर के किनारे भीमली बीच पर आध्यात्मिक गुरु उमर अलीसा के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें स्थानीय विधायक श्रीनिवास भी मौजूद रहे। इसके बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मुख्य बैठक डॉ. वाई.वी.एस. मूर्ति सभागार, विशाखापत्तनम में हुई। बैठक का मुख्य विषय ‘रोल ऑफ एथिकल जर्नलिज्म इन स्ट्रेंथनिंग डेमोक्रेसी’ रहा।
कार्यक्रम में स्थानीय सांसद भारत, पूर्व राज्यसभा सांसद जी.वी.एल. नरसिम्हा राव, BSPS के संस्थापक शाहनवाज हसन, राष्ट्रीय महामंत्री गिरिधर शर्मा, आंध्र प्रदेश अध्यक्ष बीर भद्र राव, राघवेंद्र मिश्रा, आई.वी. कश्यप, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता, पश्चिम बंगाल अध्यक्ष शुभेंदु चटर्जी, उत्तराखंड अध्यक्ष चंद्रवीर गायत्री, बिहार अध्यक्ष अजय कुमार, तमिलनाडु अध्यक्ष शिवा, झारखंड अध्यक्ष जावेद, छत्तीसगढ़ अध्यक्ष तथा मध्य प्रदेश से कृष्ण मोहन झा समेत कई राज्यों के वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए।
बैठक में सर्वसम्मति से पत्रकारों के हितों से जुड़े विभिन्न प्रस्ताव पारित किए गए। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के पत्रकारों से जुड़े कार्यों की सराहना करते हुए समर्थन व्यक्त किया गया।
वहीं, देशभर में पत्रकारों की हत्या, हिंसा, झूठे मुकदमों और पत्रकार कल्याण कोष के कथित दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई गई। पत्रकार सुरक्षा के मामले में पिछड़े राज्यों की सूची प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और राष्ट्रपति को भेजने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा राज्यों में पत्रकारों के रजिस्टर की व्यवस्था नहीं होने पर भी चिंता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित पत्रकारों ने भी हिस्सा लिया।








