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23 लाख का घोटाले , 6 डॉक्टर चार्जशीट, कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश

रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी नागरिक अस्पताल से जुड़े हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में फ्लेक्स बोर्ड लगाने के मामले में करीब 23 लाख रुपये के कथित घोटाले का खुलासा हुआ है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 डॉक्टरों को चार्जशीट किया है। इनमें 3 डिप्टी सिविल सर्जन भी शामिल हैं। मामला हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों के बाहर लगाए जाने वाले फ्लेक्स बोर्डों के सत्यापन और भुगतान में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। एजेंसी द्वारा सभी स्थानों पर कार्य पूरा किए बिना ही भुगतान

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रेवाड़ी में 23 लाख के फ्लेक्स बोर्ड घोटाले का खुलासा, 6 डॉक्टर चार्जशीट; कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश

रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी नागरिक अस्पताल से जुड़े हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में फ्लेक्स बोर्ड लगाने के मामले में करीब 23 लाख रुपये के कथित घोटाले का खुलासा हुआ है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 डॉक्टरों को चार्जशीट किया है। इनमें 3 डिप्टी सिविल सर्जन भी शामिल हैं। मामला हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों के बाहर लगाए जाने वाले फ्लेक्स बोर्डों के सत्यापन और भुगतान में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।

एजेंसी द्वारा सभी स्थानों पर कार्य पूरा किए बिना ही भुगतान

विभागीय जांच के अनुसार, वर्ष 2023-24 में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर योजना संबंधी फ्लेक्स बोर्ड लगाने के लिए करीब 28 लाख रुपये का कार्य स्वीकृत किया गया था। आरोप है कि फ्लेक्स बोर्ड लगाने वाली एजेंसी द्वारा सभी स्थानों पर कार्य पूरा किए बिना ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई।

जांच करने के बजाय कार्यालय में बैठकर ही सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर दी

जांच में सामने आया कि फ्लेक्स बोर्डों के सत्यापन के लिए गठित 6 डॉक्टरों की टीम ने संबंधित स्थानों का भौतिक निरीक्षण नहीं किया। आरोप है कि टीम ने फील्ड में जाकर जांच करने के बजाय कार्यालय में बैठकर ही सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर दी और कार्य को सही बताते हुए कंपनी के भुगतान की अनुशंसा कर दी।

15 दिनों के भीतर पूरी कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाए।

विभागीय रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के बीच कथित मिलीभगत के चलते कई स्थानों पर फ्लेक्स बोर्ड लगाए बिना ही कंपनी को अग्रिम भुगतान कर दिया गया। इस आधार पर जांच में वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) ने महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (DGHS), हरियाणा को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियमों के नियम-7 के तहत विभागीय कार्रवाई 15 दिनों के भीतर पूरी कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाए।

इसके साथ ही फ्लेक्स बोर्ड लगाने वाली संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि भविष्य में उसे किसी सरकारी कार्य का ठेका न दिया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में किस स्तर तक जिम्मेदारी तय की जाती है और आगे क्या दंडात्मक कदम उठाए जाते हैं।

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Author: New India News Network

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